menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५०
chevron_left
chevron_right
नारद उवाच
एवं धर्मं पालय़िष्यस्यथोक्तं; न चात्मानं मज्जय़िष्यस्यधर्मे |  ३५   क
तस्मात्कामं रोचय़ाभ्यागतं त्वं; संय़ोज्याथो संहरस्वेह जन्तून् ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति