menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४७
chevron_left
chevron_right
देवदूत उवाच
जरा मृत्युः कुतस्तेषां हर्षः प्रीतिः सुखं न च |  २३   क
न दुःखं न सुखं चापि रागद्वेषौ कुतो मुने ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति