menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २३२
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
संनिय़म्येन्द्रिय़ग्रामं गोष्ठे भाण्डमना इव |  २४   क
एकाग्रश्चिन्तय़ेन्नित्यं योगान्नोद्वेजय़ेन्मनः ||  २४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति