menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एतत्कृतं महाराज त्वय़ेच्छामि परन्तप |  ५७   क
एवं कृते कृतं मह्यं सर्वकामैर्भविष्यति ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति