menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २२
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
तानाशुगैरापततोऽहमाशु; निवार्य तूर्णं खगमान्ख एव |  ३   क
द्विधा त्रिधा चाच्छिनमाशु मुक्तै; स्ततोऽन्तरिक्षे निनदो वभूव ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति