menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २१८
chevron_left
chevron_right
शक्र उवाच
भवस्वेन्द्रो महावाहो सर्वेषां नः सुखावहः |  १३   क
अभिषिच्यस्व चैवाद्य प्राप्तरूपोऽसि सत्तम ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति