menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २०७
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
तपश्चरंश्च हुतभुक्सन्तप्तस्तस्य तेजसा |  ९   क
भृशं ग्लानश्च तेजस्वी न स किञ्चित्प्रजज्ञिवान् ||  ९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति