menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
नाराचैर्वत्सदन्तैश्च वृष्ण्यन्धकमहारथौ |  १२   क
अभिजघ्नतुरन्योन्यं प्रहृष्टाविव कुञ्जरौ ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति