menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय २
chevron_left
chevron_right
कृप उवाच
एवमेतदनादृत्य वर्तते यस्त्वतोऽन्यथा |  १८   क
स करोत्यात्मनोऽनर्थान्नैष वुद्धिमतां नय़ः ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति