menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय १९४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तच्छ्रुत्वा सूतपुत्रस्य वाक्यं सागरगासुतः |  २०   क
जहास सस्वनं हासं वाक्यं चेदमुवाच ह ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति