उद्योग पर्व  अध्याय १९३

भीष्म उवाच

एवमेष महाराज स्त्रीपुमान्द्रुपदात्मजः |  ५९   क
सम्भूतः कौरवश्रेष्ठ शिखण्डी रथसत्तमः ||  ५९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति