उद्योग पर्व  अध्याय १८६

भीष्म उवाच

यथाह भरतश्रेष्ठ नारदस्तत्तथा कुरु |  ६   क
एतद्धि परमं श्रेय़ो लोकानां भरतर्षभ ||  ६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति