menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १८५
chevron_left
chevron_right
भृगुरु उवाच
इह श्रमो भय़ं मोहः क्षुधा तीव्रा च जाय़ते |  १५   क
लोभश्चार्थकृतो नॄणां येन मुह्यन्ति पण्डिताः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति