menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८४
chevron_left
chevron_right
सरस्वत्यु उवाच
यस्मिन्नग्निमुखा देवाः सेन्द्राः सह मरुद्गणैः |  २५   क
ईजिरे क्रतुभिः श्रेष्ठैस्तत्पदं परमं मुने ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति