menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १८०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्ताः क्षणं चक्रुः पाण्डवाः सह तैर्द्विजैः |  ४९   क
मध्यन्दिने यथादित्यं प्रेक्षन्तस्तं महामुनिम् ||  ४९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति