menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तत्र नागा रथाश्चैव जाम्वूनदविभूषिताः |  ५   क
भ्राजमाना व्यदृश्यन्त मेघा इव सविद्युतः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति