अनुशासन पर्व  अध्याय १८

पराशर उवाच

एवमुक्त्वा स भगवांस्तत्रैवान्तरधीय़त |  ३२   क
युधिष्ठिर महाय़ोगी वीर्यवानक्षय़ोऽव्ययः ||  ३२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति