उद्योग पर्व  अध्याय १७५

अम्वो उवाच

भगवन्नेवमेवैतद्यथाह पृथिवीपतिः |  २८   क
शरीरकर्ता मातुर्मे सृञ्जय़ो होत्रवाहनः ||  २८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति