menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मृगय़ां परिधावन्स समेषु मरुधन्वसु |  ११   क
विध्यन्मृगाञ्शरैः शुद्धैश्चचार सुमहावलः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति