menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १७०
chevron_left
chevron_right
अर्जुन उवाच
तदसह्यं कृतं कर्म देवैरपि दुरासदम् |  ५२   क
दृष्ट्वा मां पूजय़ामास मातलिः शक्रसारथिः ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति