menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
chevron_left
chevron_right
उपमन्युरु उवाच
सहस्रमूर्धा देवेन्द्रः सर्वदेवमय़ो गुरुः |  १२९   क
सहस्रवाहुः सर्वाङ्गः शरण्यः सर्वलोककृत् ||  १२९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति