menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १६३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
लघुसन्धानय़ोगाभ्यां रथय़ोश्च रणेन च |  २२   क
मोहय़न्तौ मनुष्याणां चक्षूंषि च मनांसि च ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति