menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५८
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ते जवेन महावेगाः प्राप्य वैश्रवणालय़म् |  १५   क
भीममार्तस्वरं चक्रुर्भीमसेनभय़ार्दिताः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति