menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
तथेति च प्रतिज्ञातं कर्णेन शिनिपुङ्गव |  ३६   क
हृदि नित्यं तु कर्णस्य वधो गाण्डीवधन्वनः ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति