menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
दण्डश्चेन्न भवेल्लोके व्यनशिष्यन्निमाः प्रजाः |  ३०   क
शूले मत्स्यानिवापक्ष्यन्दुर्वलान्वलवत्तराः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति