उद्योग पर्व  अध्याय १४८

वासुदेव उवाच

पुनर्भेदश्च मे युक्तो यदा साम न गृह्यते |  ८   क
कर्मानुकीर्तनं चैव देवमानुषसंहितम् ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति