menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
chevron_left
chevron_right
वासुदेव उवाच
यांश्च घोरेण रूपेण पश्येत्क्रुद्धः पिनाकधृक् |  १०   क
न सुरा नासुरा लोके न गन्धर्वा न पन्नगाः |  १०   ख
कुपिते सुखमेधन्ते तस्मिन्नपि गुहागताः ||  १०   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति