menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स्मृतोऽस्मि भवता शीघ्रं शुश्रूषुरहमागतः |  २७   क
आज्ञापय़ महावाहो सर्वं कर्तास्म्यसंशय़म् |  २७   ख
तच्छ्रुत्वा भीमसेनस्तु राक्षसं परिषस्वजे ||  २७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति