menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सुकुमारौ कथं पादौ मुखं च कमलप्रभम् |  ११   क
मत्कृतेऽद्य वरार्हाय़ाः श्यामतां समुपागतम् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति