आदि पर्व  अध्याय १४०

भीम उवाच

विक्रमं मे यथेन्द्रस्य साद्य द्रक्ष्यसि शोभने |  १०   क
मावमंस्थाः पृथुश्रोणि मत्वा मामिह मानुषम् ||  १०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति