menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
विपाटिता विचित्राश्च रूपचित्राः कुथास्तथा |  ४६   क
भिन्नाश्च वहुधा घण्टाः पतद्भिश्चूर्णिता गजैः ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति