menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
chevron_left
chevron_right
उपमन्युरु उवाच
यच्चान्यदपि लोकेषु सत्त्वं तेजोधिकं स्मृतम् |  १६२   क
तत्सर्वं भगवानेव इति मे निश्चिता मतिः ||  १६२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति