menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १३८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
प्रकाशिताय़ां तु तथा ध्वजिन्यां; द्रोणोऽग्निकल्पः प्रतपन्समन्तात् |  १६   क
रराज राजेन्द्र सुवर्णवर्मा; मध्यं गतः सूर्य इवांशुमाली ||  १६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति