menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १३८
chevron_left
chevron_right
वाय़ुरु उवाच
तथा प्रजापतिर्व्रह्मा अव्यक्तः प्रभवाप्ययः |  १५   क
येनेदं निखिलं विश्वं जनितं स्थावरं चरम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति