menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
मृदुना सुमृदुं हन्ति मृदुना हन्ति दारुणम् |  ६५   क
नासाध्यं मृदुना किञ्चित्तस्मात्तीक्ष्णतरं मृदु ||  ६५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति