अनुशासन पर्व  अध्याय १३४

उमो उवाच

भगवन्सर्वभूतेश भूतभव्यभवोद्भव |  ११   क
त्वत्प्रभावादिय़ं देव वाक्चैव प्रतिभाति मे ||  ११   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति