menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यच्चापश्यं हतं भीष्मं पश्यतस्तेऽनुजस्य वै |  ३०   क
दुःशासनस्य कौरव्य कुर्वाणं कर्म दुष्करम् |  ३०   ख
अवध्यकल्पं सङ्ग्रामे देवैरपि सवासवैः ||  ३०   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति