menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १२१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एतस्मिन्नेव काले तु वृद्धक्षत्रो महीपतिः |  ३५   क
सन्ध्यामुपास्ते तेजस्वी सम्वन्धी तव मारिष ||  ३५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति