menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सौप्तिक पर्व
अध्याय १२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
भारताचार्यपुत्रः सन्मानितः सर्वय़ादवैः |  ३४   क
चक्रेण रथिनां श्रेष्ठ किं नु तात युय़ुत्ससे ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति