menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ११५
chevron_left
chevron_right
ऋचीक उवाच
एकतःश्यामकर्णानां पाण्डुराणां तरस्विनाम् |  १४   क
दास्याम्यश्वसहस्रं ते मम भार्या सुतास्तु ते ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति