menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कुरवस्तु ततः कर्णं परिवार्य समन्ततः |  ३४   क
अवाकिरन्भीमसेनं शरैः संनतपर्वभिः ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति