menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ११
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
एवं विचरतस्तस्य सङ्ग्रामे राजसत्तम |  ५५   क
सम्प्रेषय़च्छितान्पार्थः शरानाशीविषोपमान् ||  ५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति