menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
ज्येष्ठां स्वसारं पितरं मातरं च; गुरुं यथा मानय़न्तश्चरन्ति |  १७   क
तथाविधानामेष लोको महर्षे; परं गन्ता धृतराष्ट्रो न तत्र ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति