menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय १०४
chevron_left
chevron_right
चण्डाल उवाच
व्राह्मणस्य गवां राजन्ह्रिय़तीनां रजः पुरा |  ५   क
सोममुद्ध्वंसय़ामास तं सोमं येऽपिवन्द्विजाः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति