menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय १०२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अय़ं स कालः सम्प्राप्तः पार्थ यः काङ्क्षितस्तव |  ३१   क
प्रहरास्मै नरव्याघ्र न चेन्मोहात्प्रमुह्यसे ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति