menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततोऽभवन्महाराज तव सैन्यस्य विस्मय़ः |  ११   क
वृहत्क्षत्रेण तत्कर्म कृतं दृष्ट्वा सुदुष्करम् ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति