द्रोण पर्व  अध्याय १०

धृतराष्ट्र उवाच

मोहितो दैवय़ोगेन मृत्युपाशपुरस्कृतः |  ४०   क
न वेद कृष्णं दाशार्हमर्जुनं चैव पाण्डवम् ||  ४०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति