menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यथा पुत्रविय़ुक्तोऽय़ं न किञ्चिद्दुःखमाप्नुय़ात् |  २३   क
इति राजान्वशाद्भ्रातॄन्नित्यमेव युधिष्ठिरः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति