अनुशासन पर्व  अध्याय १

भीष्म उवाच

असकृत्प्रोच्यमानापि गौतमी भुजगं प्रति |  २६   क
लुव्धकेन महाभागा पापे नैवाकरोन्मतिम् ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति