menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आदि पर्व
अध्याय १
chevron_left
chevron_right
सूत उवाच
यदाश्रौषं व्रह्मशिरोऽर्जुनेन; मुक्तं स्वस्तीत्यस्त्रमस्त्रेण शान्तम् |  १५५   क
अश्वत्थाम्ना मणिरत्नं च दत्तं; तदा नाशंसे विजय़ाय़ सञ्जय़ ||  १५५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति